नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन के मायने।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन की घोषणा की गई थी। उन्होंने कहा कि यह मिशन लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने में मदद करेगा। यह देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नए बदलाव की शुरुआत करेगा। इसके तहत प्रत्येक व्यक्ति को एक हेल्थ आईडी जारी होगा। सरकार इसके लिए एक ऐप बनाएगी। आइए जानें कि क्या है नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन के मायने। 

मुख्य बिंदु:

  • नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन का उद्देश्य क्या है?
  • सभी लोगो को एक हेल्थ आईडी कार्ड जारी होगा
  • सभी प्रकार के डॉक्यूमेंट से झुटकारा पाए  
  • हेल्थ आईडी आधार की तरह काम करेगी
  • स्वास्थ्य कार्ड अस्पतालों, क्लीनिकों से संबद्ध होगा
  • स्वास्थ्य मिशन छह राज्यों में शुरू हुआ
NDHM

नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन का उद्देश्य क्या है?

सरकार द्वारा शुरू किए गए नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन का उद्देश्य लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है। सरकार इस कार्य में टेक्नोलॉजी का अधिक उपयोग करने पर जोर देगी। सरकार का लक्ष्य इस कार्यक्रम के लिए एक मोबाइल ऐप तैयार करना भी है। यह अनुमान है कि नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन मुख्य रूप से देश भर में स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड, निजी चिकित्सक पंजीकरण और स्वास्थ्य सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करेगा।

इस हेल्थ टास्क के तहत हर मरीज की पूरी सेहत कुंडली तैयार की जाएगी। आइए जानते हैं कि डिजिटल हेल्थ टास्क के जरिए कैसे आप अपने जीवन को सरल बना सकते है।

Health ID and Health data of patients

सभी लोगो को एक हेल्थ आईडी कार्ड जारी होगा

इसके अंतर्गत एक विशेष आईडी कार्ड मिलेगा, यानी एक पहचान पत्र। यह आधार के समान ही होगा। इसके माध्यम से, प्रत्येक रोगी की व्यक्तिगत चिकित्सा रिकॉर्ड को एकत्रित किया जाएगा। यानी आपको देखभाल के लिए देश के किसी भी कोने में जाने पर आपको कोई जांच रिपोर्ट या पर्ची नहीं देनी होगी, क्योंकि आपका सारा डेटा हेल्थ कार्ड में मौजूद होगा। आपकी आईडी से, डॉक्टर आपकी उस हर बीमारी के बारे में पता कर पाएंगे जो आपको पहले थी और और कहाँ पर और क्या इलाज किया गया था।

सभी प्रकार के डॉक्यूमेंट से झुटकारा पाए  

प्रत्येक रोगी के लिए पूर्ण चिकित्सा रिकॉर्ड को संरक्षित करने के लिए, अस्पतालों, क्लीनिकों और चिकित्सकों को एक केंद्रीय सर्वर से जोड़ा जाएगा। इसका मतलब है कि यह अस्पतालों, क्लीनिकों और चिकित्सकों को भी पंजीकृत करेगा। यद्यपि सरकार इसे सभी के लिए अनिवार्य नहीं बनाने जा रही है, लेकिन अंततः सभी को इस योजना में लाने का प्रयास किया जायेगा, जिससे हर व्यक्ति का स्वास्थ्य रिकॉर्ड बनाए रखना आसान जायेगा। इससे डॉक्टर के पर्चे की आवश्यकता भी नही रहेगी, न ही बिल का झंझट होगा।

नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन में, आपको दवा लेने के लिए किसी पर्चे की आवश्यकता नहीं होगी। अगर आप दवाइयाँ ऑनलाइन लेना चाहते हैं, तो आपका सारा डेटा हेल्थ आईडी में प्रवेश करने के बाद ही फार्मेसी में जाएगा और यह आपकी दवाओं को बिना प्रिस्क्रिप्शन के भेज देगा। यही नहीं, ऑफलाइन दवा लेने के लिए केवल एक आईडी देनी होगी। नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन को प्रत्येक मेडिकल स्टोर से भी जोड़ा जाएगा, जिससे मेडिकल स्टोर आपके डॉक्टर के पर्चे तक पहुंच सकेगा।

हेल्थ आईडी आधार की तरह काम करेगी

आधार आईडी की तरह हेल्थ आईडी भी पहचान पत्र के समान ही होगी। यह कार्य भी उसी तरह संचालित किया जाएगा। जैसे कहीं भी आधार नंबर देने पर व्यापारी को आपकी आधार की पूरी जानकारी मिल जाती है, ठीक उसी तरह जैसे स्वास्थ्य आईडी भरने पर, मेडिकल शॉप, अस्पताल, क्लिनिक या डॉक्टर को आपकी स्वास्थ्य की पूरी जानकारी मिल जाएगी.

स्वास्थ्य मिशन छह राज्यों में शुरू हुआ

इसे देश के 6 केंद्र शासित प्रदेशों में लॉन्च किया जा रहा है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़, लद्दाख, लक्षदीप, दादरा नगर हवेली और दमन-दीव और पुदुचेरी केंद्र शासित प्रदेश हैं, जिन्हें इससे पहला लाभ मिलेगा। इन केंद्र शासित प्रदेशों के बाद, यह योजना देश के अन्य राज्यों में लागु की जाएगी।

भारत में, स्वास्थ्य सुविधाएं बहुत खराब स्थिति में हैं। यहां, सरकारी चिकित्सा सेवाओं में उपेक्षा, संसाधन का दुरुपयोग और भ्रष्टाचार भी व्यापक स्तर पर देखा जाता है। कभी-कभी, निजी अस्पताल कानूनों की अवहेलना करते हैं और केवल धन एकत्र करते हैं। ऐसे में इन सभी विसंगतियों पर नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन द्वारा अंकुश लगाने का प्रयास किया जायेगा।

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